चूत का नशा बड़ा मस्त है


kamukta, antarvasna मेरे पिताजी का शहर में बहुत बड़ा नाम था और वह हमारे लिए काफी जायजाद छोड़ कर चले गए लेकिन मेरे भैया की नियत ठीक नहीं थी मुझे यह बात काफी बाद में पता चली, मुझे नहीं पता था कि उन्होंने एक दूसरी शादी भी कर रखी है जिससे कि उनके बच्चे भी हैं जब मुझे इस बात का पता चला तो तब तक काफी देर हो चुकी थी लेकिन मैंने भी ठान ली थी कि अपने भैया को मैं प्रॉपर्टी में हिस्सा नहीं दूंगा और मैंने उसके लिए काफी कुछ किया, वह चाहते थे कि उन्होंने जिस महिला से शादी की है उसके नाम भी कुछ प्रॉपर्टी हो जाए लेकिन मैं उसे बिल्कुल भी हिस्सा नहीं देना चाहता था क्योंकि उन्होंने ना तो हमसे अपने दूसरे रिलेशन के बारे में बताया था और ना ही उन्होंने कभी भी इस बारे में पापा से कोई जिक्र किया क्योंकि यह सब उन्होंने पापा की मर्जी के खिलाफ किया जिसे कि कोई भी स्वीकार नहीं कर सकता था।

यह बात भाभी को भी नहीं पता थी और मैं उन्हें यह बात बताना भी नहीं चाहता था मुझे तो यह बात उस वक्त पता चली जब एक दिन उन्होंने मुझे कहा कि मैं अभी आता हूं मुझे कुछ जरूरी काम है और वह ऑफिस से चले गए कुछ समय बाद उनका फोन मुझे आया और वह कहने लगे कि तुम्हारे पास एक महिला आएंगी तुम उसे कुछ पैसे दे देना, मैंने भैया से कहा कि ठीक है मैं उन्हें पैसे दे दूंगा और मैंने जब उन महिला को पैसे दिए तो वह चली गई लेकिन मुझे कुछ तो शक हुआ और मैं उनके पीछे-पीछे चला गया मैं जब उनके पीछे गया तो मैंने देखा कि भैया तो उन्हीं के घर पर हैं, मैंने उसके बाद जब इस बारे में जानने की कोशिश की तो मुझे सारी असलियत पता चल गई भैया का उन महिला के साथ संबंध था उनका नाजायज संबंध था जिसे कि ना तो मैं कभी स्वीकार कर सकता था और ना ही भाभी भी इन सब बातों को स्वीकार करती इसलिए मैंने भाभी को भी इस बारे में नहीं बताया क्योंकि मेरी भाभी का नेचर बहुत ही अच्छा है और मैं उनकी बड़ी इज्जत करता हूं मैं नहीं चाहता कि उन्हें कोई तकलीफ हो। मेरे भैया के दो लड़के हैं और दोनों ही स्कूल में पढ़ते हैं।

मैंने उस महिला के बारे में पता करवाने की सोची और मैंने एक व्यक्ति को इस काम के लिए कुछ पैसे भी दे दिए वह व्यक्ति मुझे उस महिला की सारी जानकारी देता और जब उस व्यक्ति ने मुझे बताया कि उस महिला के पति की मृत्यु तो काफी समय पहले हो चुकी थी और उसके बाद तुम्हारे भैया ने उससे शादी की है और तब से वह लोग चोरी छुपे साथ में रहते हैं लेकिन वह महिला बिल्कुल भी सही नहीं है उन्होंने अपने पहले पति की जायजाद पर भी कब्जा कर लिया था और शायद वह तुम्हारे भैया को भी अपने जाल में पूरी तरीके से फंसा चुकी हैं। मैं इस बात से बहुत चिंतित हो गया और मैं सोचने लगा कि भैया को कैसे उस महिला के चंगुल से छुड़ाया जाए लेकिन शायद मेरे बस की बात भी नहीं थी क्योंकि भैया पूरी तरीके से उस महिला के प्यार में अंधे हो चुके थे वह महिला धीरे-धीरे अपने कब्जे में काफी कुछ प्रॉपर्टी करने लगी थी और मैं कुछ कर भी नहीं पा रहा था लेकिन मुझे जल्द से जल्द इसका हल तो निकालना ही था, यह बात सिर्फ मुझे ही पता थी और इस बात के बारे में बाकी किसी को भी मालूम नहीं था लेकिन मैं किसी भी हालत में भैया को उस महिला के चंगुल से छुड़ाना ही चाहता था और मैंने एक दिन इस बारे में भैया से बात की तो भैया मुझे कहने लगे देखो तुम्हें सब कुछ पता चल ही चुका है तो अच्छी बात है परंतु मैं उसे नहीं छोड़ सकता, मैंने भैया से कहा भैया वह सही महिला नहीं है आप उस के चक्कर में क्यों अपना घर बर्बाद कर रहे हैं आपके बच्चे भी हैं और भाभी भी इतनी अच्छी हैं, वह मुझे कहने लगे दिलीप तुम्हें नहीं पता उसने मेरा कितना साथ दिया है, मैंने भैया से पूछा उसने तुम्हारा क्या साथ दिया है तो वह कहने लगे कि उसी की वजह से मेरी शराब की लत छूटी है और वह मेरा बुरा कभी नहीं चाहती।

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मैंने भैया से कहा यह तो आपने खुद ही किया है यह उस महिला की वजह से नहीं हुआ इस बात से मुकेश भैया मुझ पर गुस्सा हो गए और कहने लगे देखो दिलीप तुम मेरे पचड़े में ना ही पडो तो ठीक रहेगा, मैंने भैया से कहा मैं आपका छोटा भाई हूं और आपको बर्बाद होते हुए मैं कभी देख नहीं सकता मैं किसी भी स्थिति में आपको बर्बाद होने नहीं दूंगा चाहे इसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े, भैया मुझसे कहने लगे तुम अपने काम पर ध्यान दो और वह गुस्से में उस दिन चले गए। मैंने पहली बार उनसे ऊंची आवाज में बात की थी इससे पहले मैंने कभी भी उनसे ऊंची आवाज में बात नहीं की क्योंकि पापा के देहांत होने के बाद उन्होंने ही घर की सारी जिम्मेदारी संभाली थी और यह बात मुझे भी अच्छे से पता है लेकिन वह जिस रास्ते पर हैं वह रास्ता गलत है इसलिए मैं किसी भी हालात में उन्हें उस रास्ते में नहीं जाने देना चाहता था और उस महिला की असलियत मैं भैया को बताना चाहता था इसके लिए मैंने उस महिला की असलियत पता करवाई और एक दिन मैंने फोन पर उससे बात की और उसे कहा कि मैं दिलीप बोल रहा हूं मैं मुकेश भैया का छोटा भाई हूं, वह मुझसे कहने लगी हां बोलो क्या काम था?

मैंने उसे कहा मुझे तुम्हारे और भैया के रिश्ते के बारे में सब कुछ पता चल चुका है तुम भैया को छोड़ दो, वह मुझे कहने लगी ऐसे कैसे मैं तुम्हारे भैया को छोड़ दूं उन्होंने मुझसे वादा किया है कि वह जिंदगी भर मेरा साथ देंगे, मैंने उसे कहा तुम बिल्कुल भी ठीक नहीं हो और तुम्हारी वजह से हमारा घर भी बर्बाद हो रहा है, वह जोर-जोर से हंसने लगी और कहने लगी मुकेश ने हीं मुझे चुना था मैंने तो मुकेश से उस वक्त ही कह दिया था कि मुझे अकेले रहने दो लेकिन मुकेश ने मुझे अपनाने की बात की तो मुझे भी किसी व्यक्ति की जरूरत थी जो कि मेरा साथ दे पाता और मुकेश ने मेरा साथ दिया इसमें मेरी कोई गलती नहीं है इसमें तुम्हारे भैया की ही गलती है, उसने फोन काट दिया। मैं उसकी असलियत भैया को बताना चाहता था मैंने उसके लिए जिन व्यक्ति को रखा था उन्होंने उसके पुराने पति के बारे में सारी जानकारी निकलवा ली और एक दिन मैं भैया को वहां लेकर चला गया और जब वह उनके पति की मां से मिले तो उनकी आंखों में भी आंसू आ गए उनकी मां कहने लगी कि उसने तो हमें कहीं का भी नहीं छोड़ा उसने हमारी सारी जाइजाद अपने नाम करवा ली और हमारे पास आज खाने तक के लिए पैसे नहीं हैं हम लोग दर-दर भटकने के लिए मजबूर हो चुके हैं। वह लोग अपने एक छोटे से घर में रह रहे थे वह कहने लगे कि अच्छा हुआ कि हमने इस घर के बारे में उसे नहीं बताया नहीं तो शायद वह हमारा यह घर भी अपने नाम करवा लेती, यह बात सुनकर भैया भी गुस्से में हो गए और भैया ने उससे दूरी बनाने की सोच ली लेकिन वह तो भैया से दूर जाना ही नहीं चाहती थी क्योंकि वह उसकी हर जरूरतों को पूरा कर रहे थे अब वह भैया को ब्लैकमेल करने लगी जिसकी वजह से वह भी बहुत टेंशन में आने लगे। एक दिन वह मुझसे कहने लगे दिलीप यदि यह बात तुम्हारी भाभी को पता चलेगी तो मैं उसका सामना कैसे करूंगा, मैंने भैया से कहा भैया आप अब यह सब मुझ पर ही छोड़ दीजिए। उस महिला का नाम संगीता है वह भैया का किसी भी हाल में पीछा नहीं छोड़ने वाली थी। मैं उसकी चाल को पूरी तरीके से भाप चुका था इसीलिए मैंने उसे कहा तुम भैया का कितना पैसा लेकर पीछा छोड़ोगी। वह मुझे कहने लगी मुझे पैसे नहीं चाहिए मुझे तो तुम्हारे भैया का साथ चाहिए। मैंने उसे कहा तुम मुझे अपना दाम बताओ तो वह कहने लगी वैसे तो मैं बहुत पैसे लूंगी लेकिन किसी की जिंदगी मेरी वजह से बर्बाद ना हो जाए इसलिए तुम मुझे एक मकान बनवा कर दे दो। मैंने उसे कहा चलो ठीक है मैं तुम्हें एक मकान बनवा कर दे देता हूं लेकिन तुम उसके बाद मेरे भैया की जिंदगी से दूर चली जाओगी।

वह कहने लगी हां क्यों नहीं मैंने उसके लिए एक मकान बनवा दिया, उसी बीच उसने मुझे अपने जाल में फंसा लिया। एक दिन उसने मेरे सामने अपने पूरे कपड़े उतार दिए मैं उसे देखकर उत्तेजित हो गया और रह ना सका। उसने मेरे लंड को जब अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे भी अच्छा महसूस होने लगा वह बड़े ही अच्छे से मेरे लंड को सकिंग कर रही थी। ऐसा सकिंग आज तक मेरी पत्नी ने भी नहीं किया था जब उसने अपनी बड़ी गांड को मेरे आगे किया तो मैं उसकी गांड को अपने हाथों से दबाने लगा। कुछ देर तक तो मैंने उसके स्तनों को अपने हाथों से दबाया और उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसा लेकिन जब मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया तो उसके मुंह से आवाज निकलने लगी। वह मुझे कहने लगी मुझे बड़ा मजा आ रहा है मैं उसे तेजी से धक्के मार रहा था, वह मुझे कहने लगी मुझे बड़ा अच्छा महसूस हो रहा है। मैंने जब उसे अपने ऊपर आने के लिए कहा तो वह मेरे ऊपर लेट गई और उसने मेरे लंड को अपनी चूत में ले लिया। मैंने उसे बड़ी तेजी से धक्के दिए जिससे कि उसे भी अच्छा महसूस होने लगा और मुझे भी बड़ा मजा आ रहा था। मैंने उसकी चूत के मजे बहुत देर तक लिए जब मैं उसे चोद कर पूरी तरह से संतुष्ट हो गया तो वह मुझे कहने लगी आप मुझे दोबारा कब मिलोगे। मैंने उसे कहा बस जल्दी ही मैं तुम्हें मिलूंगा मैंने उसे मकान बनवा कर दे दिया था लेकिन शायद मुझे भी उसकी चूत का नशा होने लगा था। मैं उसके पास जाने लगा था मेरे भैया का पिंड तो उससे छूट गया था लेकिन अब उसने मुझे अपने जाल में फंसा लिया था और वह मुझे ब्लैकमेल करने लगी थी। मैं उसके चंगुल से अब तक नहीं छूट पाया हूं और सोच रहा हूं कि कैसे मैं संगीता के जाल से निकलू पर उसका हुस्न बड़ा ही लाजवाब है।

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