दोस्त की सच में माँ चोद दी


antarvasna, kamukta हाय दोस्तो | आज मुझे अपने जीवन से जुडी एक सच्ची घटना का जिक्र करना है | मै अपने एक मित्र का सच्चा किस्सा सुनाने जा रहा  | उस लड़के ने एक दिन मुझे उसके घर पर आने के लिए कहा था | मै नए कपडे पहनकर उस लड़के के घर उससे मिलने के लिए गया था तब मुझे सब कुछ आम घरो की तरह उसका घर लगा | फुरसत के समय मै उस नए मित्र के घर जाया करता था | वो उसके घर जाने पर मेरा स्वागत किया करता था और मुझे शान्दार भोजन खिलाया करता था | उसकी मा भी उस समय मुझ से मिलने के लिए आया करती थी जब मै उसके घर पर फुर्सत के समय जाया करता था | मुझे उस मित्र ने एक उपहार भी दिया था | उसे धन्यवाद देने के लिए मैंने उसके उपहार के बदले मेरी तरफ से एक जूते और कपडे उपहार में दिया था | फिलहाल वो अन्य शहर में रह कर उसकी नौकरी कर रहा है और मै किसी अन्य शहर में रह रहा  | मै जब भी छुट्टियों में आया करता था तब मै उस मित्र के घर में उससे मिलने के लिए जाया करता था | मैंने एक कार ख़रीदा था | इसलिए जब कभी मेरे पास फुर्सत का समय मिलता था तब मै कार निकालकर उसके घर पहुच जाता था और उस मित्र को कार में लेकर घुमा करता था |

वो मेरा मित्र भी खर्च करने में आगे है | वो मेरी कार में पेट्रोल भरवा दिया करता था और हम लोग कार से घुमा करते थे | वो मेरी कार में 300 रुपय का पेट्रोल भरवा दिया करता था | उसके बाद हम लोग कार चलाया करते थे | कार चलाने के लिए पेट्रोल की आवस्यकता पडती थी इसलिए वो मेरी कार एक शर्त पर चलाया करता था की पेट्रोल उसकी तरफ से और कार मेरी तरफ से | लेकिन खर्चे के मामले वो मुझ से आगे था लेकिन उसने एक दिन ऐसा कारनामा किया था जिसे जानकर आप के लंड से वीर्य बहना शुरु हो सकता है | यह कहानी सच पर आधारित है | वो उसकी मा की चूत का भूखा था | जी हा आज मै एक ऐसी सच्चाई को बया करने जा रहा  उसको जानने के बाद आप लोगो को उस लड़के की असलियत मालूम चल जाएगी | उसने मेरी कार खरीदने का प्रस्ताव मुझे दिया था लेकिन मेरे पास एक कार थी इसलिए मैंने कार को बेचने के उसके प्रस्ताव को इनकार कर दिया | जब मैंने उसके प्रस्ताव को इनकार कर दिया था तब उसने एक अगली लाल रंग की कार खरीदने का फैसला किया था | कुछ महीने बाद उस मित्र ने एक लाल रंग की कार खरीद लिया था | उसने कार खरीदने पर मुझे एक पार्टी भी दिया था उस पार्टी में कई लोग और उसके मित्रो को भी बुलाया था | उसने एक दारु की पार्टी दिया था | पार्टी के दौरान सब मित्रो ने दारु पिया हुआ था |

मेरे उस मित्र के घर जब मै उसके शहर छुट्टी में आया था और मैंने कहा की मै उसके घर रुक सकता तो उसने मुझे हा कहा था | उसके हा पाना के बाद मैंने उसके घर पर रहना शुरु कर दिया था | उसके घर पर रहते समय मैंने कुछ ऐसा पाया जिसकी वजय से मेरे पैर के निचे से जमीन खिसक गयी थी | उस मित्र को मैंने कुछ ऐसा करते हुए देखा जिसकी मै कभी किसी से उम्मीद नही किया था | वो मेरा मित्र उसकी मा को एक कमरे में चोद रहा था | चोदने के दौरान उसने दरवाजा तो बन्द किया था लेकिन उसकी खिड़की खुली हुई थी | मै खिड़की से झाककर देख रहा था | उसने उस दिन उसकी मा को लम्बे देरी तक चोदा था | उसे चोदता हुआ देखकर मुझे उसकी असलियत मालूम चल गया था | क्या कभी कोई उसकी मा को चोद सकता है | लेकिन उस मित्र ने जो कारनामा करके दिखाया था उसने ये साबित कर दिया था | मै जब तक वहा रहा करता था तब तक मैंने उस लड़के की चुदाई को देखा था | वो सप्ताह में एक दिन उसकी मा को  चोदा करता था | उसकी मा को खुस रखने के लिए वो उसे रुपय भी दिया करता था उसकी मा को खर्च करने के लिए | उसकी मा खर्चीली है इसलिए उसकी मा सप्ताह में एक बार उससे रुपय अवस्य मंगा करती थी | उसकी मा की पहनी हुई साडी भी काफी मंहगी हुआ करती थी | उस लड़की की मा देखने में सुन्दर थी |

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जब मै अपने मित्र को उसकी मा को चोदते हुए देखा करता था तब मुझे लगता था की मुझे एक बार उसकी मा की चूत में अपने हातो से सहला पाऊ | मुझे अब उसकी मा को चोदना था इसलिए मेरे पास एक तरकीब थी | मै अपनी कार उस मित्र के घर ले जाया करता था | उसकी मा के लिए बाजार से कुछ न कुछ खरीद कर लाता था | मैंने एक दिन उसकी मा के लिए साडी खरीदकर लाया था | मै अपने मित्र के घर पर गया और मैंने साड़ी उसकी मा को पहनने के लिए दिया | जब मैंने उसकी मा को साडी दिया तो वो मुझ से खुस हो गयी | लेकिन उस मित्र को बिलकुल नही मालूम चला की मै उसके घर उसकी मा को चोदने के लिए आया करता था | लेकिन मुझे अभी तक उसकी मा को चोदने का अवसर नही मिला था | एक दिन जब मै उस मित्र के घर पर गया तो उसकी मा नहाकर तेल लगा रही थी | उसकी मा एक कमरे में जब तेल लगा रही थी तो मै झाककर उसे देख रहा था | उसकी मा ने सिर्फ तोलिया पहना हुआ था और उनकी जांग गोरी थी मै उस पल वहा सब देख रहा था | उसकी मा जब तेल लगा रही थी तब उसने अन्दर से कुछ नही पहना था | तेल लगाते समय उसकी मा उसके चूत और गाड में भी तेल लगा रही थी | वो मेरे लिए एक सुनहरा पल था | एक तरह से उसकी मा मुझ से सम्पूर्ण रूप से पट चुकी थी | उसकी मा के लिए मै हर सप्ताह बाजार से सब्जी खरीदकर लाया करता था | उसकी मा को जब मै हर सप्ताह सब्जिया दिया करता था तब उसकी मा मुझ से खुस हो जाती थी |

एक दिन मैंने उसकी मा को अपनी कार से घुमाने के लिए लेकर गया था | उनको मैंने अपने घर को दिखाया और उसकी मा को मेरी मौसी से मिलवाया जो की मेरे घर कुछ महीने के लिए महमान के रूप में आई थी | उसकी मा मेरी मौसी की सहेली बन गयी थी | उसकी मा को मेरी मौसी से मिलवाने के बहाने के लिए मै उसकी मा को अपनी कार में लेकर घर आया करता था | उसकी मा से मै मजाक किया करता था जब वो मेरे घर पर आती थी | मजाक करते हुए मै उसकी मा का हाथ पकड लिया करता था | मुझे उसकी मा ने छुट दिया था ताकि मै उनके कंधे पर आसानी से हाथ रख सकू | एक दिन जब उसकी मा मेरे घर पर थी तब मजाक करते हुए मैंने उसकी मा के कंधे पर हाथ रखा तब मैंने उसकी मा के दूद दबाने शुरु किया और वो हसने लगी | कुछ देर तक मैंने उसकी मा के दूद दबाये उसके बाद वो मुझ से गले लगाकर चिपकी रही | मै उसके होटो को चूम रहा था | उसकी होटो करीब काफी देर तक चूमता रहा | मैंने उसके होटो को चुमते हुए कहा आप सुन्दर है | उसके बाद उसने मुझे कसकर गले लगा लिया | मैंने फिर उसकी मा की साडी को खोल दिया तब उसके दूद ब्लाउज से डके हुए थे | उसकी मा ने जब सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट पहना हुआ था तब मैंने उसकी मा को गोद में उठा लिया और उन्हे उठाकर एक बिस्तर पर लिटा दिया | बिस्तर पर उसकी मा लेटी हुई थी तब मैंने अपने कपड़ो को उतरा और उसकी मा को गले लगाने लगे | उस दिन मेरे लिए वो एक सुनहरे मौका था | मैंने अपने लंड को सम्भाला और उसकी मा की चूत में घुसेड दिया | उसकी मा की चूत काले बालो की झाटो से घोसले जैसा लग रहा था | उसकी मा की झाटो को मै अपने हाथ से सहला रहा था | उसकी झाटे भले काली थी लेकिन उसकी चूत लाल दिख रही थी | मैंने उसकी मा की चूत को चोदने के लिए अपने लंड को पकड़ा और उसके अन्दर घुसेड दिया | उसकी मा की चूत गीली थी क्योकि उसकी मा का पीरियड चल रहा था | मेरा लंड उसकी मा के चूत से चिप चिपा हो चूका था |

उसकी मा के चूत में मेरा लंड आराम से घुस रहा था | करीब 15 मिनट तक उसकी मा के चूत में मेरा लंड घुसा हुआ था |  मुझे उसे और चोदना था इसलिए मैंने उसकी चूत को चूमना शुरु कर दिया था | मै उसकी चूत को अपनी जीव से चाट रहा था | जब मै उसकी चूत को चाटकर थक गया तो मैंने उसकी मा को घोड़ी बनाया और उसको चोदने लगा | उसकी मा को चोदते समय मैंने कन्डोम लगाया था | कन्डोम की चिकनाई के कारण मेरा लंड उसकी चूत में आराम से घुस रहा था | करीब एक घन्टे तक मैंने उसकी मा को चोदा | जब मै उसकी मा को चोदते हुए थक गया तो मैंने अपने लंड से कन्डोम निकाल दिया | फिर उसकी मा को मेरा लंड पकड़ने के लिए दिया | उसकी मा ने मेरा लंड पकडकर कहने लगी तुम्हार हथियार तो कुछ लम्बा है और मै हस पड़ा | फिर उसकी मा मेरा लंड चूसने लगी | जब उसकी मा मेरा लंड चूस रही थी तब मेरे लंड से वीर्य बहना शुरु हो गया |  फिर मैंने उसके मुह से अपना लंड बाहर निकाल दिया | लेकिन मेरे लंड से वीर्य निकल रहा था और वो उनके सारे चहरे में गिरने लगा | उनका चहरा मेरे वीर्य से नहा चूका था | उसके बाद मैंने उसके होटो को चूमा और उसे गले लगा लिया | मेरे बदन से पसीना निकल रहा था इसलिए मैंने एक पंखा चालू कर दिया | उस समय घर पर कोई नही था इसलिए मै उसकी चुदाई करता रहा | चुदाई करने के लिए मैंने कुछ सावधानी भी बरता था क्योकि अगर मेरा मित्र मेरे घर आजाता तो मेरा नाम बदनाम हो सकता था और उससे मेरी मित्रता भी टूट सकती थी | मित्रता को बचाने के लिए मुझे ऐसा करना अवयस्क था | उस दिन के बाद से उसकी मा मुझे एक बेटा कहकर नही पुकारा करती है वो मुझे सिर्फ मेरे नाम से बुलाया करती है |

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