कामुक लड़की की चूत चाटने का मजा


hindi sex story, antarvasna हेल्लो दोस्तो, आज आपको मैं अपनी मटन की दुकान पर आने वाली एक लड़की की कैसे चोदा करता था उसके विषय में कुछ सुनाने जा रहा हूँ | मेरे पास एक मटन की दुकान थी जहा पर मैं रोजाना मटन बेचा करता था | लोगो की भीड़ मटन की दुकान पर आया करती थी | जिस जगह मैं रहा करता था वहा पर एक दादा भी रहा करते थे उनको भोजन के साथ मटन खाने का सौक था | इसलिए उनके पास मेरा फोन नम्बर अक्सर रहा करता था वो मुझ को फोन लगाया करते थे और कहते की तुम मेरे लिए एक किलो मटन लेकर आना | जब एक दिन मैं उस दादा के पास गया हुआ था तब मैंने देखा की उस दादा के घर पर एक लड़की आई हुई थी लेकिन वो लड़की उनके घर पर महमान बनकर आई हुई थी | वो लड़की कुछ महीने के लिए दादा के घर पर आई हुई थी | दादा के पास उनकी नातिया आया करते थे | दादा के कई नातिया आया करते थे उन में से कुछ लड़के और लडकिया आया करती थी | जब लडकिया आया करती थी तो उन में से एक लड़की को मैंने पहले अपना परिचय उस लड़की से बनाया फिर उस लड़की को दादा के घर पर चोदा था |

जब मैंने एक दिन उस लड़की को चोदा था तो उस लड़की की चूत गोरी थी और उसकी चूत को चोदने के बाद मैंने उस लड़की की गाड को भी चोदा था | एक दिन दादा ने मुझे उनके घर पर बुलाया हुआ था और मुझ से फोन पर कहा की तुम मेरे लिए एक किलो मटन लेकर आना क्योकि आज छुट्टी का दिन है और उनके यहा कुछ महमान आये हुए है | महमान लोगो के लिए उन्होने मटन मंगवाया था | जब मैं उस दादा के घर पहुचा तब उस दादा के घर पर एक लड़की को देखा | उस लड़की से फिर मैंने कहा की आपके दादा कहा है | उस लड़की ने फिर उसके दादा को बुलाया | दादा ने मुझे घर के अन्दर आने के लिए कहा और फिर घर के अन्दर चला गया | उसके दादा मेरी खातिरदारी करने में कोई मौका नही छोड़ा करते थे | इसके आलावा जिस दिन वो मुझे फोन लगाकर मटन मंगवाया करते थे वो मुझ से कहा करते थे की तुम शाम को भोजन खाने के लिए आना और तुम्हारे लिए मैं अवस्य मटन बनवा दूंगा | जिस दिन मैंने दादा के घर पर एक लड़की को देखा उस दिन दादा ने मुझे उनके घर पर मटन खाने के लिए बुलाया था | उस लड़की से परिचय बनाने का मेरे पास एक शानदार मौका था इसलिए मैंने दादा से हा कह दिया था |

जब शाम हो गयी थी तब मैं दादा के घर पर आई हुई उस लड़की से मिलने के लिए गया हुआ था | दादा के घर भोजन खाने के लिए जाना तो सिर्फ एक बहाना था | मुझे तो उस लड़की से परिचय बनाना था इसलिए मैं उस लड़की से मिलने के लिए गया हुआ था | जब मैं दादा के घर पर पहुचा तो दादा ने मुझ से कहा तुम्हारे लिए मटन तयार करके रखा गया तुम आज भोजन करके जाना | फिर मैं दादा से बात करने लगा | जब मेरा भोजन करने का समय आगया है तब मेरे लिए उस लड़की ने भोजन परोसा | उस लड़की ने जब मेरे लिए भोजन परोसा तो दादा ने बताया की वो लड़की उनकी नाती है | जो की कुछ महीने के लिए यहा पर रहने के लिए आई हुई है | दादा के घर से भोजन करके फिर मैं घर से चला गया | मैं दादा के घर जाने के लिए अक्सर मौके की तलाश किया करता था और एक दिन मुझे वो मौका मिला जिसकी सहायता से मैंने उस लड़की को आखिरकार चोदा था | हर रविवार दादा मुझे फोन करके बुलाया करते थे और मुझे बिना मटन खिलाये घर से जाने नही देते थे | एक दिन जब मैं दादा के घर पर भोजन खा रहा था तब मैंने एक योजना बनाई थी मैं उस लड़की से टकरा गया और निचे गिर गया ताकि उस लड़की को लगे की उसकी वजह से मुझे चोट लग गयी है | वो लड़की अंगन से घर के अन्दर आ रही थी तब मैं उस लड़की से टकरा गया और जमीन पर लेट गया | ताकि उस लड़की को लगे की मेरे पैर के ऊपर चोट लग गयी है | चोट लगने के कारण मैं चल नही पा रहा था | मेरे लंगड़ाने का बहाना आखिरकार सफल हो गया था | मैं लंगड़ाते हुए उनके कमरे पर पड़े बिस्तर पर लेट गया था | तब दादा ने मुझ से कहा की तुम्हारे पैर को क्या हो गया है | तब मैंने बताया की मेरे पैर को मोच आ गयी है | फिर दादा ने कहा की तेल लगा लो | वो लड़की मेरे सामने थी उस लड़की ने मुझको तेल लाकर दिया |

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जब मैं अपने पैर के उपर तेल लगा रहा था तब उस लड़की ने मुझ से कहा की मैं तुम्हारे पैर के उपर तेल लगा देती हूँ | फिर वो लड़की मेरे पैर के उपर तेल लगाने लगी | मेरा बहाना करना अब सफल हो चूका था उस लड़की से मेरा एक खास परिचय बन चूका था | फिर मैं लंगड़ाते हुए उस दादा के घर से बाहर चला गया | एक सप्ताह बाद मुझे उस लड़की से मिलने का मौका मिला | क्योकि वो छुट्टी का दिन था और दादा जी भी छुट्टी के दिन मुझ से मिलने के लिए बुलाया करते थे | मैं उस दिन उस लड़की के दादा को मटन पहुचाने के लिए गया हुआ था | उस दिन जब मैं उस दादा के घर पर गया था तब उस लड़की ने मुझ से पूछा की तुम्हारे पैर का क्या हाल है तब मैंने उस लड़की को बताया की पैर मैं दर्द बना हुआ है | तब उस लड़की ने मुझे सहानभूति दिया और मुझे घरेलु नुस्खे बताने लगी | तब दादा का कोई परिचित वाला लड़का उनसे मिलने के लिए आ गया था और दादा ने मुझ से कहा की मैं उससे मिलकर आता हूँ |

दादा का परिचित वाला लड़का घर के बाहर था और दादा उससे मिलने के लिए घर से बाहर कुछ दूरी पर गए हुए थे | तब वो लड़की मुझे घरेलु नुश्खे बताने लगी | घरेलु नुश्खे बाताने के दौरान फिर वो लड़की मेरे पैर के ऊपर तेल लगाने लगी | उस लड़की ने मुझे बिस्तर पर बैठने के लिए कहा और मैं बिस्तर पर बैठ गया | बिस्तर पर बैटने के बाद वो लड़की फिर मेरे पैर के उपर तेल लगाने लगी जब वो लड़की मेरे पैर के उपर तेल लगा रही थी तब मैं उस लड़की के दूद को देख रहा था | जब वो लड़की झुकी हुई थी तब मैं उस लड़की के दूद को साफ तौर पर देख पा रहा था | कुछ समय तक तो ये सिलसिला चलता रहा फिर मैं उस लड़की के दूद को दबाने लगा | दूद को दबाने के बाद फिर मैंने उस लड़की को गले लगा लिया | उस लड़की ने फिर मेरे होटो को चूमना शुरु कर दिया | अब क्या था फिर मैं उस लड़की की चूत के अन्दर अपनी उंगली को डाल दिया | लेकिन तभी उस लड़की के दादा की आवाज सुनाई दी | तभी मैंने उस लड़की से कहा की मैं तुमसे मिलने के लिए बाद में आ सकता हूँ | फिर मैं लंगड़ाते हुए उस लड़की के दादा को देखने के लिए घर से बाहर निकल गया तब मैंने देखा की दादा दरवाजे के पास आ रहे थे | फिर मैं दरवाजे से बाहर निकल गया और दादा के पास पहुचने के बाद मैंने दादा से कहा की मैं अब चलता हूँ | फिर मैंने अपनी मोटरसाइकिल को चालू किया और फिर बाहर चला गया | अगले दिन मैं उस लड़की को देखने के लिए दादा के घर के पास से गुजरा तब मैंने वहा पर दादा को देखा और फिर मैंने दादा से कहा की क्या आज आपको मटन खाना है तब दादा ने मुझ से कहा की कल ही तो मैंने मटन खाया था | लेकिन तब मैं घर के अन्दर घुस चूका था |

जब मैं घर के अन्दर गया हुआ था तब मैंने उस लड़की से इशारे से कहा की मैंने एक नया फोन नम्बर लिया है | फिर मैं उस लड़की को इशारे करते हुए उस लड़की के दादा को फोन नम्बर बता रहा था | तब वो लड़की भी उसके फोन पर मेरा नम्बर लिख रही थी | जब उस लड़की ने मेरा नम्बर लिख लिया था तब मैंने उस लड़की को इशारा करते हुए कहा की तुम मुझे फोन लगाना | जब भी फुर्सत का समय रहता था तब मैं उस लड़की के फोन पर फोन लगाया करता था | उस लड़की ने मेरा नम्बर उसके फोन पर लिख लिया था इसलिए उस लड़की ने मुझे फोन लगाया और पहले उसने मुझे फोन लगाया | जब उस लड़की का फोन आया तो उस लड़की का नम्बर मुझे मिल चूका था | एक दिन जब मैं फुर्सत के साथ अपने घर पर बैठा हुआ था | तब मैंने उस लड़की को फोन लगाया की तुम क्या कर रही हो | उस लड़की ने बताया की उसकी सहेली घर पर आई हुई है और उसके घर पर तुम्हे मटन पहुचाने के लिए जाने है | उस लड़की से फोन पर बात करते समय मैंने उस लड़की से पूछा क्या तुम फुर्सत में मुझ से मिल सकती हो | तब उस लड़की ने मुझ से फोन बताया की फिलहाल तुम मेरी सहेली के घर पर मटन पहुचा दो | उस लड़की ने मुझे उसकी सहेली का नम्बर दिया था क्योकि उसकी सहेली कोई अनजान लड़की थी जिसको मैं नही पहचानता था |

मैंने फिर उस लड़की की सहेली को फोन लगाया और फिर उसकी सहेली का घर तलाश करते हुए उसके घर पर पहुच गया | मुझे उस लड़की से मिलना था जो की दादा के घर पर आई हुई थी इसलिए मैंने उस लड़की से कहा की तुम मुझ से मिलने के लिए तुम्हारी सहेली के घर पर पहुच सकती हो | उस लड़की ने मुझ से कहा की हा मैं तुम से मिलने के लिए मेरी सहेली से मिलने के बहने उसके घर पर पहुच सकती हूँ | फिर मैं उस लड़की की सहेली का घर तलाश करते हुए उस सहेली के घर पहुच गया था | वो लड़की भी उसकी सहेली के घर पर मौजूद थी | फिर मैंने उस लड़की की सहेली को मटन दिया | फिर उस लड़की को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर एक एकांत जगह पर ले गया और वहा पर मैंने उस लड़की के दूद को दबाने लगा | फिर उस लड़की की गाड को चाटने के लिए मैंने उस लड़की का पजामा निचे की तरफ उतार दिया और फिर उस लड़की की गाड को चाटना शुरु कर दिया | फिर मुझे उस लड़की की चूत को चोदना था इसलिए फिर मैंने उस लड़की की चूत के अन्दर अपनी उंगली को डाल दिया | कुछ समय के बाद फिर मैंने उस लड़की की चूत के अन्दर लंड को डाल दिया |

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